Rajasthan Physiography & Physiographic Divisions
राजस्थान के भौतिक स्वरूप & भौतिक प्रदेश/विभाजन
1. Physiography (भौतिक स्वरूप) – अर्थ
Physiography से आशय किसी क्षेत्र के स्थलरूप, ऊँचाई-निचाई, पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल, नदियाँ तथा मिट्टी आदि के अध्ययन से है।
राजस्थान का भौतिक स्वरूप अत्यंत विविध है—यहाँ मरुस्थल, पर्वत, पठार और मैदान सभी प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं।
2. राजस्थान के भौतिक स्वरूप की प्रमुख विशेषताएँ
भारत का सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल की दृष्टि से)
अरावली पर्वतमाला द्वारा राज्य का दो भागों में विभाजन
पश्चिम में थार का मरुस्थल
दक्षिण-पूर्व में उपजाऊ मैदान एवं पठारी क्षेत्र
जलवायु प्रायः शुष्क से अर्द्ध-शुष्क
नदियाँ अधिकतर वर्षा पर निर्भर
3. Rajasthan Physiographic Divisions
राजस्थान को सामान्यतः चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में बाँटा जाता है—
(1) पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश (The Western Desert Region)
स्थिति:
अरावली पर्वतमाला के पश्चिम में फैला हुआ क्षेत्र
क्षेत्रफल:
राज्य का लगभग 60–62% भाग
मुख्य विशेषताएँ:
थार मरुस्थल का भाग
बालू के टीले (धोरे)
वर्षा बहुत कम (10–25 सेमी)
स्थायी नदियों का अभाव
मरुस्थलीय वनस्पति (कैक्टस, खेजड़ी)
उप-विभाजन:
शुष्क बालुकामय मैदान
लूणी बेसिन
आंतरिक अपवाह क्षेत्र
प्रमुख जिले:
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर
(2) अरावली पर्वतीय प्रदेश (The Aravalli Mountain Region)
स्थिति:
राज्य के मध्य भाग में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली पर्वतमाला
लंबाई:
लगभग 550 किमी (राजस्थान में)
उच्चतम शिखर:
गुरु शिखर (1722 मी.) – माउंट आबू
मुख्य विशेषताएँ:
राजस्थान की जल विभाजक रेखा
पश्चिम ढाल शुष्क, पूर्व ढाल अपेक्षाकृत उपजाऊ
खनिज संसाधनों की प्रचुरता
प्रमुख जिले:
सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, अलवर
(3) पूर्वी मैदान प्रदेश (The Eastern Plains)
स्थिति:
अरावली के पूर्व में फैला हुआ क्षेत्र
मुख्य नदियाँ:
चंबल, बनास, कालीसिंध, पार्वती, माही
विशेषताएँ:
उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी
कृषि के लिए अनुकूल
अपेक्षाकृत अधिक वर्षा
उप-विभाजन:
बनास-बांण गंगा बेसिन
चंबल बेसिन
प्रमुख जिले:
जयपुर, दौसा, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक
(4) दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (The South-Eastern Plateau – Hadoti Plateau)
स्थिति:
राज्य का दक्षिण-पूर्वी भाग
पठार का नाम:
हाड़ौती पठार
मुख्य विशेषताएँ:
काली कपास मिट्टी
चंबल एवं उसकी सहायक नदियाँ
कृषि व सिंचाई का विकास
प्रमुख जिले:
कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
4. संक्षेप में (तालिका रूप में)
भौतिक प्रदेश
प्रमुख विशेषता
पश्चिमी मरुस्थल
बालू, कम वर्षा
अरावली पर्वत
जल विभाजक, खनिज
पूर्वी मैदान
उपजाऊ, कृषि
दक्षिण-पूर्वी पठार
काली मिट्टी, चंबल बेसिन
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