Topic – Relief Features of the Oceans (महासागरों की स्थलाकृति विशेषताएँ)
महासागरों की स्थलाकृति विशेषताएँ (Relief Features of the Oceans)
परिचय (Introduction)
पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग जल से ढका हुआ है, जिसे महासागर कहा जाता है।
महासागर तल (Ocean Floor) समतल नहीं है, बल्कि इसकी सतह पर विभिन्न प्रकार के स्थलरूप (Relief Features) पाए जाते हैं, जैसे — पर्वत, गर्त, पठार, मैदान आदि।
इन स्थलरूपों का निर्माण मुख्यतः प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics), ज्वालामुखीय गतिविधियों, और अवसादन (Sedimentation) के कारण हुआ है।
महासागर तल के प्रमुख भाग (Major Divisions of Ocean Floor Relief)
महासागर की स्थलाकृति को सामान्यतः चार प्रमुख भागों में विभाजित किया जाता है —
1. महाद्वीपीय किनारा (Continental Margin)
2. गहरे समुद्री क्षेत्र (Deep Ocean Basin)
3. मध्य महासागरीय पर्वत श्रृंखला (Mid-Oceanic Ridge)
4. महासागरीय गर्त (Ocean Trenches)
1️⃣ महाद्वीपीय किनारा (Continental Margin)
महाद्वीपीय किनारा वह क्षेत्र है जो महाद्वीप और महासागर के बीच संक्रमण का क्षेत्र है। इसमें तीन भाग होते हैं:
(a) महाद्वीपीय शेल्फ (Continental Shelf)
यह महाद्वीप का डूबा हुआ भाग है।
इसकी औसत गहराई 200 मीटर तक होती है।
यह विश्व के सबसे उपजाऊ भागों में से एक है क्योंकि यहाँ समुद्री जीवन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
उदाहरण: बंगाल की खाड़ी, अरब सागर का महाद्वीपीय शेल्फ।
(b) महाद्वीपीय ढाल (Continental Slope)
यह शेल्फ के बाद आने वाला तेज ढाल वाला क्षेत्र है।
यहाँ गहराई अचानक 200 मीटर से 3000 मीटर तक पहुँच जाती है।
यहाँ पर तलछट तेजी से नीचे गिरती है।
(c) महाद्वीपीय उद्वार या उदग्र (Continental Rise)
यह महाद्वीपीय ढाल और गहरे महासागरीय मैदान के बीच का संक्रमण क्षेत्र है।
यहाँ अवसाद (Sediments) जमा होकर धीरे-धीरे समतल मैदान का निर्माण करते हैं।
2️⃣ गहरे समुद्री क्षेत्र (Deep Ocean Basins)
यह महासागर का सबसे बड़ा और सबसे गहरा भाग होता है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित विशेषताएँ आती हैं —
(a) एबिसल मैदान (Abyssal Plain)
यह महासागर का सबसे समतल भाग है।
यह आमतौर पर 3000 से 6000 मीटर की गहराई पर पाया जाता है।
महीन तलछटों (clay, silt) से बना होता है।
(b) समुद्री पर्वत (Seamounts)
यह समुद्र तल के नीचे पाए जाने वाले एकल ज्वालामुखीय पर्वत हैं।
ये जल सतह तक नहीं पहुँचते।
यदि यह जल सतह को पार कर जाते हैं, तो इन्हें द्वीप (Islands) कहा जाता है।
उदाहरण: हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands)।
(c) गयोट या टेबलमाउंट (Guyots or Tablemounts)
ये समतल शीर्ष वाले ज्वालामुखीय पर्वत हैं जो कभी समुद्र सतह से ऊपर थे परंतु कटाव (Erosion) के कारण समतल हो गए।
3️⃣ मध्य महासागरीय पर्वत श्रृंखला (Mid-Oceanic Ridge)
यह महासागर तल पर फैली हुई लंबी पर्वत श्रृंखला है।
यह पृथ्वी की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला मानी जाती है।
यहाँ लावा उद्गार (Volcanic Activity) और नवीन भूपर्पटी निर्माण (Sea-Floor Spreading) होता है।
प्रमुख उदाहरण:
Mid-Atlantic Ridge (अटलांटिक महासागर में)
East Pacific Rise (प्रशांत महासागर में)
4️⃣ महासागरीय गर्त (Ocean Trenches)
यह महासागर तल का सबसे गहरा भाग होता है।
इनका निर्माण संमिलन प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) पर होता है।
गर्तों में प्लेटें एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं।
इनकी गहराई 6000 मीटर से 11000 मीटर तक हो सकती है।
प्रमुख उदाहरण:
Mariana Trench (Mariana गर्त) – विश्व का सबसे गहरा भाग (~11034 m)
Tonga Trench, Java Trench, Peru-Chile Trench
महासागर तल की स्थलाकृति के निर्माण के कारण
1. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonics Theory)
2. ज्वालामुखीय क्रियाएँ (Volcanic Activities)
3. अवसादन (Sedimentation)
4. अपक्षय और अपरदन (Erosion & Deposition)
5. समुद्र स्तर में परिवर्तन (Changes in Sea Level)
सारांश (Summary Table)
स्थलरूप विवरण उदाहरण
Continental Shelf महाद्वीप का डूबा भाग अरब सागर
Continental Slope तीव्र ढाल वाला भाग भारत के पश्चिमी तट के पास
Abyssal Plain गहरे समुद्र का समतल भाग अटलांटिक महासागर
Seamount जलमग्न ज्वालामुखीय पर्वत हवाई द्वीपों के पास
Guyot समतल शीर्ष पर्वत प्रशांत महासागर
Mid-Ocean Ridge लंबी पर्वत श्रृंखला Mid-Atlantic Ridge
Ocean Trench महासागर तल का गहरा भाग Mariana Trench
निष्कर्ष (Conclusion)
महासागरों की स्थलाकृति विविध और जटिल है। यह न केवल पृथ्वी की भौगोलिक बनावट को प्रभावित करती है बल्कि समुद्री जीवन, जलवायु, धाराओं (Currents) और मानव आर्थिक गतिविधियों (Economic Activities) पर भी गहरा प्रभाव डालती है।
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