गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

IV RG II Bay of Bengal Drainage)


राजस्थान की बंगाल की खाड़ी का अपवाह तंत्र

(Rajasthan – Bay of Bengal Drainage)

अपवाह प्रणाली का अर्थ

किसी क्षेत्र में नदियों एवं उनकी सहायक नदियों द्वारा जल को किसी समुद्र या खाड़ी तक पहुँचाने की व्यवस्था को अपवाह प्रणाली कहते हैं।

राजस्थान की अधिकांश नदियाँ बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, इसलिए यह राज्य की सबसे महत्वपूर्ण अपवाह प्रणाली है।

बंगाल की खाड़ी अपवाह प्रणाली की विशेषताएँ

ये नदियाँ सदानीरा या मौसमी होती हैं

इनका जल पूर्व की ओर प्रवाहित होता है

ये नदियाँ अंततः गंगा नदी तंत्र में मिलती हैं

इनका उद्गम मुख्यतः अरावली पर्वतमाला से होता है

पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में इनका विस्तार है

इस अपवाह प्रणाली की प्रमुख नदियाँ

राजस्थान में बंगाल की खाड़ी अपवाह तंत्र की प्रमुख नदियाँ निम्नलिखित हैं—

1. चम्बल नदी (Chambal River)

परिचय

राजस्थान की सबसे लंबी व महत्वपूर्ण नदी

गंगा तंत्र की प्रमुख सहायक नदी

उद्गम

जनापाव पहाड़ी, महू (मध्य प्रदेश)

प्रवाह क्षेत्र

कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर

राजस्थान–मध्य प्रदेश की सीमा बनाती है

सहायक नदियाँ

दायीं ओर: काली सिंध, पार्वती

बायीं ओर: बनास, मेज, पार्वन

विशेषताएँ

गहरी घाटियाँ (Chambal Ravines)

जल विद्युत परियोजनाएँ

2. बनास नदी (Banas River)

उद्गम

कुंभलगढ़ के निकट अरावली पर्वतमाला

प्रवाह क्षेत्र

राजसमंद, भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर

सहायक नदियाँ

बेड़च, कोठारी, मेज, खारी

विशेषता

चम्बल की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी

पूर्णतः राजस्थान की नदी

3. काली सिंध नदी (Kali Sindh)

उद्गम

बागली (मध्य प्रदेश)

प्रवाह

झालावाड़ क्षेत्र से होकर

चम्बल में मिलती है

विशेषता

वर्षा पर आधारित नदी

4. पार्वती नदी (Parvati River)

उद्गम

विंध्य पर्वतमाला

प्रवाह क्षेत्र

झालावाड़, बारां

विशेषता

चम्बल की सहायक नदी

5. मेज नदी (Mej River)

उद्गम

अरावली पर्वतमाला

प्रवाह

भीलवाड़ा, बूंदी

विशेषता

बनास की सहायक नदी

6. बेड़च नदी (Bedach / Berach)

उद्गम

उदयपुर के निकट

प्रवाह

चित्तौड़गढ़

विशेषता

बनास की सहायक नदी

इस अपवाह प्रणाली का आर्थिक एवं भौगोलिक महत्व

कृषि विकास

उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी

सिंचाई सुविधा

बाँध व नहर परियोजनाएँ

जल विद्युत उत्पादन

चम्बल परियोजना

जनसंख्या व नगर विकास

कोटा, सवाई माधोपुर

औद्योगिक विकास

जल की उपलब्धता

राजस्थान की अन्य अपवाह प्रणालियों से तुलना

अपवाह प्रणाली

क्षेत्र

बंगाल की खाड़ी

पूर्वी व दक्षिण-पूर्वी राजस्थान

अरब सागर

दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान

आंतरिक अपवाह

पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र

निष्कर्ष

राजस्थान की बंगाल की खाड़ी अपवाह प्रणाली राज्य की

✔ सबसे विकसित

✔ सबसे विस्तृत

✔ कृषि व मानव जीवन के लिए सबसे उपयोगी

अपवाह प्रणाली है।

चम्बल और उसकी सहायक नदियाँ राजस्थान की जल जीवन रेखा मानी जाती हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

IV RG IV Meena Tribe

Topic: राजस्थान की जनजातीय जनसंख्या – वितरण एवं प्रमुख जनजाति “मीणा” (Meena Tribe) प्रस्तावना राजस्थान भारत का एक प्रमुख जनजातीय राज्य है। य...